Prose & Poetry by Sushila Gupta

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Prose, Poetry & Essays By Sushila Gupta.

Sushila Gupta

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Table of Contents.

  1. २०१८ (2018) में अमेरिका भ्रमण के अनुभव,
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  2. तिब्बत,
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  3. निमंत्रण,
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  4. हिंदी शब्द,
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  5. ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टार,
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  6. मम्मी,
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  7. माँ मुझे मत मारो,
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  8. बहू,
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  9. होली,
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  10. शुभ विवाह दिवस,
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  11. अनाथ कौन? माँ, बाप या बच्चा?,
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  12. मत सहलाओ,
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  13. उदगार,
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  14. गर्मी की छुट्टी,
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  15. अकेलापन,
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  16. ग़ज़ल,
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  17. चिल्लाना,
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  18. चंदा मामा,
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  19. जीवन की मुस्कान,
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  20. ज़िंदगी का अहम फैसला,
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  21. आज की नारी,
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  1. २०१८ (2018) में अमेरिका भ्रमण का अनुभव
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    २०१८ (2018) में अमेरिका भ्रमण का अनुभव

    वाह-वाह रे अमेरिकाऊंचे-ऊंचे भवनों के अलावा चारों तरफ हरियाली ही हरियाली है। बड़े-बड़े पेड़ों की छांव में बसा हुआ अमेरिका। यहां घर इतने बड़े कि एक कमरे से दूसरे कमरे में बात करने के लिये मशीन यानि की मोबाइल का सहारा लेना पड़ता है। बच्चों को बुलाने के लिये बिजली की घंटी बजानी पड़ती है। यहां एक और चीज़ देखने को मिली। टीन एजर बच्चों से माँ बाप परेशान रहते हैं कि वे अपने मन की बातें सिर्फ अपने दोस्तों से करना चाहते हैं। अपने माँ बाप या बड़े बूढ़ों के साथ समय गुज़ारना उन्हे नागवार लगता है। अब देखना यह है की टीन-एजर की आयु बीतने के बाद उनमे कुछ बदलाव आता है कि नहीं और वे अपने पराय का फर्क समझ जाते हैं या नहीं।

    अमेरिका मैं मुझे एक चीज़ अच्छी लगी की यहां औरतें भी अपने अधिकारों के प्रति सचेत हैं और एक हद के बाहर पुरुषों का ज़ुर्म और प्रताड़ना सहने को तैयार नहीं। मैने एक भारतीय दंपत्ति को देखा जिनकी शादी माँ-बाप की मर्ज़ी और आपसी पसंद से हुई थी पर कुछ वर्षों के बाद मर्द पत्नी को प्रताड़ित करने लगा। लड़की के परिवार वालों ने उसे समझाया कि जहां तक हो सके बर्दाश्त करो किन्तु जब समस्या हद से ज्यादा बढ़ गयी तो उसने पति को तलाक दे दिया। तलाक के कुछ साल बाद उसने एक गोरे अमेरिकन से शादी कर ली। यह देख कर मुझे बहुत खुशी हुई कि अब वह अपने नये पति के साथ बहुत ही खुश है। अतः मैं यह कहना चाहूँगी की स्त्री जाति को भी उतना ही सहना चाहिये कि ज़िंदगी बोझ न बन जाये। केवल समाज के दबाव में प्रताड़ित होकर जीने से अच्छा कि वह भी अपनी ज़िंदगी हंसी-खुशी से जिये।

    अमेरिका में मुझे यह अनुभव हुआ विदेशों में सभी भारतीय आपस में बहुत मिल-जुल कर रहते हैं और एक दूसरे के सुख-दुःख में साथ देते हुए खुशियां मनाते हैं। मैं अमेरिका के अलावा भी कई देशों में घूमी हूँ। दूसरे देशों में भी भारतीय लोग ऐसे ही मिल जुल कर रहते हैं। मेरे बेटे का जन्म इराक (Iraq) में हुआ था। उसके जन्म के समय वहाँ रह रहे भारतीय भाई – बहनों ने हम लोगों की इतनी मदद की कि उसे भुलाया नहीं जा सकता। मैं समझती हूँ कि लोगों को भी ऐसा ऐैसा ही अनुभव हुआ होगा कि विदेश में अपने देश वासियों के बीच बहुत ही प्यार और सहृदयता का रिश्ता रहता है।

    इस बार अमेरिका भ्रमण में मुझे इंसान की इंसानियत और महानता का दर्शन भी एक व्यक्ति के रूप में देखने को मिली जिसका नाम है “नीरज”। वे मेरे दामाद हैं। उन्होंने अपने ससुर के ऑपरेशन और इलाज के दौरान जिस तरह रात दिन कर्मठता से सेवा की उसका उदाहरण मिलना कठिन है। सेवा मैं उनकी तत्पर्ता देख कर मन बाग-बाग हो गया। भगवान् से मेरी यही प्रार्थना है कि बेटी-दामाद सदा सुखी और संपन्न रह कर अपना नाम रौशन करें और ज़िंदगी में आगे बढ़ते जाएं।

    अमेरिका में मैने एक और उदाहरण देखा जो दिल को छू गया। एक महिला डॉक्टर बीमारी की वजह से बहुत ही मुश्किल से लिख बोल पाती है। उसे चल-फिर लेने में भी दिकत होती है। फिर भी वह अपने ज्ञान से नियमित रूप से लोगों का इलाज करती है। उसके पति का सहयोग और सहृदयता भी सराहनीय है। वह उसे समारोह या पार्टी में साथ ले जाता है और पहले पत्नी को अपने हाथों से खिलाने के बाद स्वयं खाता है। पत्नी के लिये जो भी करना है वह करता है और उसे खुश रखने की हर संभव कोशिश करता है। इस उदाहरण से सभी लोगों को शिक्षा लेनी चाहिऐ।











































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  3. तिब्बत
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    यह बात १९६२ (1962) की है। उन दिनों हिंदुस्तान (India) की चीन (China) से लड़ाई चल रही थी। हिंदुस्तानी सैनिक ट्रेन से, बिहार (Bihar) होते हुए, अरुणांचल प्रदेश (Arunanchal Pradesh) की तरफ जा रहे थे। मैं अपने पिताजी के साथ, घर के पास के रेलवे स्टेशन पर सैनिकों को चाय पिलाने गयी थी। उस समय मैने सैनिकों को यह कविता सुनाई थी।

    चाउ ऐन लाई (Chou en lai) का पुतला जलेगा,
    तिब्बत (Tibet) के मैदान में।

    ऐ भारत के वीर जवानों,
    हम भी तेरे साथ हैं,
    यही हमारा नारा है,
    भारत देश हमारा है।











































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  5. निमंत्रण
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    भेज रहा हूँ नेह निमंत्रण,
    प्रियवर तुझे बुलाने को।
    हे मानव के राजहंस,
    तुम भूल न जाना आने को।











































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  7. हिंदी शब्द
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    हिंदी का अर्थ हीन और दीन नहीं समझना चाहिए। हिंदी का अर्थ – हिम्मत, नम्रता और दया है। मेरी समझ से हिंदी को इस अर्थ से लेकर चला जाय तो मेरे देश को महान कहने और समझने में कोई झिझक नहीं होगी।

    हम अपने ही देश में हिंदी बोलने वालों को तुच्छ नजर से देखते हैं यह कहाँ तक उचित है। अंग्रेज चले गए और अपनी भाषा और पोशाक हम हिन्दुस्तानियों पर लाद गए और बड़े गर्व से यहां की महिलाएं और पुरुष उस वस्त्र को पहन कर अपनी सुंदरता को दर्शाते हैं।

    क्या कभी अंग्रेजों को धोती कुरता पहने देखा गया है? नहीं ना, लेकिन हम भारतियों में इन सबका बहुत अभाव है। खैर मैं इसे भी मानती हूँ कि एक बार जो दिलो दिमाग पर चढ़ जाता है उसे हटाना आसान नहीं; पर कोशिश करना हमारा कर्त्तव्य। मैं खुद का उदाहरण बताती हूँ कि मैने बहुत देश देखे लेकिन अपने देश जैसा नहीं जो अपनी रूढ़ियों को भी नहीं छोड़ पा रहा है। यहां तक कि हमारे देश से भी जो छोटे छोटे देश हैं, वह अपनी भाषा और पहनावे को नहीं छोड़ते जो उनके पूर्वजों ने उन्हें दिया है वही वह पहनते हैं और उसका सम्मान भी करते हैं। भारत के पड़ोसी देश भूटान को ही ले लीजिए, जो मर्द है वहां “बख्खु या गो” पहनते हैं और औरतें “कीरा“, लेकिन उन्हें कोई शर्म नहीं आती। यहां तक की इराक जैसे और भी छोटे छोटे देश है जो अपनी भाषा, अपनी संस्कृति और रहनसहन को ही अपनाते है। तो हम भारतीय क्यों नहीं?

    some links
    Wikipedia, Kira_(Bhutan)
    YouTube, How to wear a Kira (Bhutan’s Traditional Dress for Women)

    Wikipedia, Gho (Bhutan)
    YouTube, How to wear a Gho, men’s national dress of Bhutan
    Lonely Planet, Bhutan’s traditional dress.

    Wikipedia, Kho (Sikkim), Bakhu (Nepal), Gho (Bhutan)











































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  9. ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टार
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    ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टार, मम्मी पापा मेरे पास
    मम्मी पापा आप जब मेरे पास रहते हो
    सारी दुनिया मैं भूल जाता हूँ
    आपकी बाहों में आ कर मेरी बांछें खिल जाती हैं।

    मम्मी मुझको राह दिखाओ
    तेरी बातों से मैं आगे पढ़-पढ़ कर क्लास में अव्वल आऊँगा।

    ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टार, मम्मी पापा मेरे पास
    मैं तारों जैसा हमेशा तुम्हें देखना चाहूँगा।
    तुम मुझे प्यार देते जाओ।
    तेरा नाम लेकर मैं दुनियां में जगमगाऊँगा और आगे बढ़ता जाऊँगा।











































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  11. मम्मी
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    तुम मुझे भूल न जाना,
    अपने जहां में रहकर।
    मैं तेरे जहां में रहूंगी,
    सारे जहां को भूल कर।

    Happy Birthday to you
    God bless you Sonu.











































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  13. माँ मुझे मत मारो
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    माँ मुझे मत मारो।
    माँ मुझे मत मारो।

    अगर मुझे मारोगी तो नागिन कहलाओगी।
    डाल – डाल पर पात पात पर मुझे ही पाओगी।

    मुझे न देना हीरा मोती,
    मुझे न देना धन और दौलत,
    तुझे जिसे देना है, उसे दे देना माँ,
    माँ लेकिन मुझे मत मारो माँ।
    मुझे मत मारो माँ।

    तुम भी एक लड़की थी, फिर ऐसा कैसे सोचा माँ,
    मैं जग में आकर तेरा नाम जागाऊँगी माँ,
    इंदिरा गाँधी और राष्ट्रपति बन तेरा नाम बढ़ाऊंगी माँ।

    अगर ऐसा नहीं किया तो तुम एक दिन पछताओगी माँ,
    अपने बेटे के लिये तड़पोगी माँ,
    कोई बहू न फटकेगी तेरे पास।
    धन और दौलत धरे रहेंगे, तुम पागल हो जाओगी माँ।

    मुझे ना मारो माँ,
    मुझे धरती पर आने दो,
    मैं धरती को स्वर्ग बगाउंगी माँ।
    मुझे न मारो माँ।

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  15. बहू
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    तुम मेरी पलकों में रहो,
    मैं तेरी पलकों मैं रहूँ,
    तुम्हें बताना है बहू ग़ैर नहीं,
    बेटी से बढ़ कर होती है।

    जमाने को दिखाना है बहू बनकर,
    परिवार के लोगों के दिल से भय दूर करना है।

    बहू कैसी होगी, क्या होगी?
    इस सोच को मिटाना है।
    मेरी प्रभु से यही प्रार्थना है,
    तुम सदा सुहागन रह कर,
    लोगों में प्यार और ममता की
    भावनाओं को भरो और उनके दिलों पर राज करो।

    मेरी बहुत बहुत प्यारी बहू,
    अनी !











































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  17. होली
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    होलिका को होली में जलाओ,
    बड़ों का आशीर्वाद ले, छोटे को गले से लगाओ,
    लाल, पीले रंगों को मिलाकर,
    उन्हें आसमानो में उड़ाओ,
    बड़ों का आशीर्वाद ले, होली मनाओ,
    यही मेरी शुभ कामना हैं।











































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  19. शुभ विवाह दिवस
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    शुभ विवाह के शुभ दिवस पर प्रभु से विनती है कि मेरी बेटी सदा सुहागन रहे। बड़ों का आशीर्वाद ऐवं छोटों का प्यार पाती रहे। बड़े, बूढ़ो की सेवा कर अपने जीवन को सफल बनाती रहे।

    उसके बचपन के वो दिन मैं भूली नहीं जब मेरी गोद से पापा की गोदी में समाजाने के बाद, बढ़ते-बढ़ते कहाँ चली गयी, यह समझ ही नहीं आया।

    फिर भी, जहां भी रहो खुश रहो और दो परिवारों को जोड़े रखो।

    Happy Marriage Anniversary from
    Mummy











































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  21. अनाथ कौन? माँ, बाप या बच्चा?
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    अनाथ शब्द सुनने में ऐसा लगता है जैसे बच्चा ही अनाथ है। वह बेबस रहता है। उसे कोई देखने सुनने वाला नहीं, लेकिन मैने अनुभव किया है, बच्चा अनाथ, बेसहारा नहीं होता क्योंकि कोई व्यक्ति छोटा बच्चा पाल लेता है, आगे दिन और भविष्य के लिये; जिससे उस बच्चे की भी जिंदगी संवर जाएगी और पालने वाले को भी सहारा हो जाएगा।

    लेकिन कोई व्यक्ति किसी बूढ़े बुजुर्ग को अपनाने से घबराता तथा दूर भागता है, क्योंकी वह जानता है, इसे अपनाने से सर पर बोझ बनेगा तथा ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ेगी उसका उत्तरदायित्व बढ़ेगा। अतः इन सब से मुझे ऐसा अनुभव हुआ की बच्चा अनाथ नहीं होता, बल्कि माँ, बाप या बुजुर्ग अनाथ होते हैं।











































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  23. मत सहलाओ
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    मत सहलाओ, इन तलवारों को मत सहलाओ।

    सहलाओगे तो कट जाओगे।
    क्या इनको सहलाने से कभी भला हुआ है?
    क्या दुष्टों को सहलाने से कभी कोई फला फूला है।

    सहलाना है तो उसे सहलाओ जिसको तुम्हारी जरूरत है,
    बूढ़े, बच्चों, मासूमों को सहलाओ तो दुआ पाओ,
    अपने इस लोक तो क्या, उस लोक के लिये भी भला करोगे।

    दुष्टों से दूर रहो, सत्संगती के संग रहो,
    सहृदयता के साथ रहो जीवन मैं सम्मान को पाओ,
    मानव जीवन कठिन है, अतः इसे व्यर्थ मत गवाओ।

    मत सहलाओ, इन तलवारों को मत सहलाओ।











































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  25. उदगार
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    अपने जीवन के उदगार को क्या बताऊँ,
    जहां जातीं हूँ, उधर ही नयी-नयी चीज़ देखने को मिलती हैं।

    सर के ऊपर ऊंचा आसमान,
    बगल में देखो तो पहाड़,
    नीचे देखो तो समुद्र की गहराई

    इन चीजों से हमें शिक्षा लेनी चाहिए,
    आसमान की तरह उच्च विचार,
    पहाड़ की तरह दृढ़ निश् चय,
    और समुद्र की तरह गहरी सोच होनी चाहिये।











































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  27. गर्मी की छुट्टी
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    गर्मी भागी मौसम सुधरा
    हाय मैं कितने दिनों घर में बैठा
    मम्मी मेरा बैग सम्भालो
    स्कूल का होमवर्क करा दो।

    अब आएगा हमें मज़ा
    स्कूल में हम बच्चे मिल कर
    शोर मचाके मजे करेंगे।

    जब मैडम आएंगी
    गुड मॉर्निंग बोल अपना पाठ दुहरायेंगी
    मम्मी मेरा बैग सम्भालो, हम स्कूल अब जाएंगे।

    बच्चों के संग नये पाठ सीख-सीख कर तुम्हें नयी कविता सुनाएंगे,
    मम्मी मेरा बैग सम्भालो, हम स्कूल अब जाएंगे।











































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  29. अकेलापन
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    मैं अपनी बेबसी तुम्हें बताती हूँ,
    तन्हाई में घड़ी देख कर एक-एक पल बिताती हूँ।

    जब दरवाजे पर दस्तक या घंटी बजती है,
    कोई आया सोच कर बांछें खिल जाती हैं।

    किन्तु शाम होते फिर डर सताने लगता है,
    क्या पता रात में आज नींद आये या ना आये।

    बच्चों की जब याद आती है तो बैठ-बैठ फ़ोन घूमाती हूँ,
    कभी बातें हो जाती हैं, कभी वे अपनी व्यस्तता बताते हैं।

    तय अपनी ज़िंदगी की राह स्वयं करनी है,
    सहारे कि आशा छलावा है।











































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  31. ग़ज़ल
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    लिखो तो कुछ ऐसा लिखो कि कलम रोने पे मजबूर हो जाए,
    लिखो तो कुछ ऐसा लिखो कि कलम रोने पे मजबूर हो जाए,

    हर शब्द में वह दर्द पैदा करो कि,
    हर शब्द ग़ज़ल बनने पे मजबूर हो जाय !











































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  33. चिल्लाना
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    चिल्लाना शब्द सुनकर कानों को खराब लगता है,
    लेकिन यही चिल्लाना शब्द बच्चों को लायक बनाता है।

    नहीं चिल्लाती माँ अपने बच्चों को नालायक बनाती है,
    और अपना बोझ दूसरों पर डालती है।

    अतः चिल्लाना अगर सफलता का मार्ग बने,
    तो उसमे बुराई क्या है?
    नहीं चिल्ला कर अपने बच्चों को नालायक बनायें,
    उसमे भलाई क्या है ?

    जैसे करैला कड़वा होकर भी कितनी बीमारियों को ढीक करता है,
    वहीं आलू मीठा और स्वादिष्ट होकर भी कई बीमारियों को बुलाता है।
    तो क्या चिल्लाना उचित नहीं है ?

    अगर ना चिल्ला कर अपना को सत्यानाश करता है,
    तो उसे मना कौन करता है ?

    बच्चों पर बड़ों का दुलार और प्यार उतना ही अच्छा लगता है,
    जो उसे सही राह पर चलना सिखाये,
    उसे आत्म सम्मान के साथ जीना सिखाये,
    माँ बाप के चुप रहने से ज्यादा अच्छा है चिल्लाना।

    और इसमे बुराई क्या है ?











































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  35. चंदा मामा
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    चन्दा मामा, चंदा मामा,
    तुम कितने भोले भाले हो।
    सब को शीतलता देते हो,
    कभी नहीं गुस्साते हो।

    जब हम छत पर जाते हैं,
    हमे देख छुप जाते हो।
    जब हम तारे गिनते हैं,
    तब तुम सामने आते हो।
    चन्दा मामा, चंदा मामा,
    तुम कितने भोले भाले हो।

    एक दिन तुम गोल हो जाते हो,
    एक दिन तिरछे हो जाते हो।
    अपने अनेक रूप दिखा कर,
    इतना क्यों इठलाते हो।
    चन्दा मामा, चंदा मामा,
    तुम कितने भोले भाले हो।











































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  37. जीवन की मुस्कान
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    बहुत हो चुका, तिलमिलाना छोड़ो,
    ज़िंदगी जीना है तो मुस्कुराना सीखो।
    मुस्कुरा कर दुनिया को अपने आग़ोश में भरना सीखो,
    तिलमिलाओगे तो दुनिया तुमसे दूर भागेगी।

    कलम और तलवार को देखो,
    कलम अपनी मोहक अदाओं से दुनिया को अपने आग़ोश में समेटती है।
    वहीं तलवार कहीं बड़ी हो कर भी,
    लोगों को डराती है और दूर भगाती है।

    एक माली हजारों फूलों को सींचता और सहेजता है,
    वहीं, एक जानवर फूलों को मसलता और बर्बाद करता है।

    अतः मानव जीवन जीना है तो प्यार करना और मुस्कुराना सीखो,
    बहुत हो चुका, तिलमिलाना छोड़ो।

















































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  39. ज़िंदगी का अहम फैसला
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    मैने एक नजर में एक लड़की को बहू बनाया है।
    अगर बहू बेटी बनकर रही तो मेरे वारे न्यारे हैं,
    अगर बहू बन गयी तो जिंदगी बर्बाद है।

    मैने जिस उम्मीद और आशाओं से उसे थामा है,
    वह कहाँ तक सत्य होता है, आगे समय ही बताएगा।
    अगर मेरी उम्मीद पर खरी उतर गयी तो मेरा जीवन सफल हो जाएगा।
    नहीं तो जीते जी आत्म समर्पण करना ही है।

















































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  41. आज की नारी
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    नर नारी एक सामान-अब तो यह सोचा ही नहीं जा सकता कि नर का मुकाबला नारी नहीं कर सकती है – जैसे कि आज हमारे देश की राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के पद तक महिलायें पंहुच चुकी हैं। यह हमारे लिए अत्यंत गौरव की बात है कि महिला का मुकलबला करना अब उतना आसान नहीं रहा जितना पहले हुआ करता था। मैं मानती हूँ कि नर-नारी के बिना यह संसार नहीं चल सकता है या अधूरा है, क्योंकि वे एक दूसरे के पूरक हैं। आज के युग में नारी पुरुष से कुछ कम नहीं है। कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली बात तो पुरानी हो चुकी। आज विद्या के छेत्र में हम देखते हैं की लड़कियां लड़कों से ज्यादा अंक प्राप्त कर रही हैं, जो हम सब के लिए गर्व की बात है। केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में महिलाओं ने जिस मुकाम को हासिल कर लीया है, उसे झुठलाया नहीं जा सकता है। अगर पुरुष यह कहता है की नारी बेचारी है तो वह पहले अपने गिरहबान में झाँक कर देख ले। हमारे ग्रंथों (hindu religious texts) में नारी को कितनी प्रतारणा दी जाती थी, फिर भी उनके अंदर जो श्रेष्ठता थी, सहनशीलता थी, वह पुरुषों में नहीं थी। वह तो अपने पती के लिए सती भी हो जाती थी। भारतीय संस्कृति के अनुसार स्त्रियों में इतनी शक्ति थी कि अपने मरे हुए पति को भी यमराज के मुंह से छीन लाती थी। क्या आपने किसी पुरुष को ऐसा करते सुना है ? यह सब चीजें इस बात का प्रमाण हैं कि युग-युगांतर से हम नारियों का महत्व ज्यादा है लेकिन सामाजिक तत्वों ने इसकी गलत व्याख्या करके, यहां तक तुलसीदास (Tulsidas) जैसे संत ने भी नारी जगत को तुछ्य साबित करने के लिए कहा है –
    ” ढोल, गवार, शूद्र, पशु, नारी,
    यह सब ताड़न के अधिकारी।”

    आप इसका मतलब तो समझ ही गये होंगे। मगर अब वह ज़माना नहीं रहा, तुलसीदास की बात को सुनने और समझने के लिए। इतिहास भी इसका साक्षी है कि झांसी की रानी (Rani of Jhansi) जैसी तेजस्वी स्त्रियों ने देश के लिए अपना जीवन तक कुर्बान कर दिया। पहले के लोगों की यह धारणा थी कि पुरुषों से ही वंश आगे बढ़ता है – अब वह धारणा मिथ्या हो गयी है। क्या नेहरूजी को बेटा था ? इंदिरा गाँधी (Indira Gandhi) ने भी तो अपने पिता का नाम रोशन किया। किसी भी छेत्र मैं आज औरतें कम नहीं, चाहे वह विज्ञान का छेत्र हो, शिक्षा का या स्वास्थ्य का। आज कल तो बॉर्डर पर भी लड़कियां तैनात हो चुकी हैं। आज के सांसारिक छेत्र में जहां भी जाओगे हमें ही पायोगे।

    मगर यह सब कहते हुए मैं मानती हूँ कि दोनों के बिना संसार नहीं चल सकता है। मैं सभी पुरुषों की इज्जत करती हूँ और आशा करती हूँ कि पुरषों कि नजर में भी औरतों की इज्जत कम नहीं होनी चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो अपनी मूर्खता को दर्शाते हुए अपनी ही इज्जत कम करते हैं। हम स्त्रियों को जिस भगवान ने बनाया है, वह तो आगे बढ़ती जाएंगी। हम किसी से कम नहीं, बल्कि आगे हैं।

    links,
    विकिपीडिया, नोबेल पुरस्कार महिला विजेताओं की सूची.
    Wikipedia, List of female Nobel laureates.
    The Nobel Prize, List of female Nobel laureates.
    The Nobel Prize Facts.

    Wikipedia, List of elected and appointed female heads of state and government.

    Wikipedia, Women in medicine. Scroll down to “Pioneering women in early modern medicine” to see the list of “first” women doctor from different countries.

    Wikipedia, Women in the military.
    Wikipedia, Women in the military by country.

    Wikipedia, List of female astronauts.
















































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